हमारी सोच की आग से खुद को बचा पाना तेरी ताकत से बाहर हैहम वो हैं जो खामोशी में भी डर पैदा करते हैं,हम वहाँ ठहरते हैं जहाँ लोगों की सोच भी �
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लेकिन जरूरत पड़ी तो खौफनाक भी बन जाएंगेबदमाशियों में भी हमारे दिल के नेक अरमान हैं।हमसे पंगा लेकर बड़े-बड़े ढेर हो जाते हैंहमारी नफ़�